बक्सर। केंद्रीय कारागार, बक्सर में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, तनाव मुक्ति एवं सकारात्मक सामाजिक पुनर्वास के उद्देश्य से आयोजित आठ दिवसीय प्रिजन स्मार्ट (Prison SMART) कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा आयोजित इस निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर में कारागार के 100 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जीवन को नई सकारात्मक दिशा देने का संकल्प लिया।
28 जून से शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ प्रशिक्षिका वर्षा पांडेय ने किया। उन्होंने बंदियों को योग, प्राणायाम, ध्यान एवं सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराते हुए मानसिक तनाव के प्रबंधन, क्रोध पर नियंत्रण, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा जीवन में सकारात्मक उद्देश्य अपनाने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि सही सोच और सकारात्मक संकल्प के साथ प्रत्येक व्यक्ति अपने अतीत से आगे बढ़कर बेहतर जीवन की शुरुआत कर सकता है।
समापन समारोह में केंद्रीय कारागार के जेल अधीक्षक ज्ञानित गौरव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रिजन स्मार्ट कार्यशाला बंदियों के मानसिक सुधार और पुनर्वास की दिशा में बेहद प्रभावी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बंदियों के तनाव, आपसी तनाव और नकारात्मक विचारों में कमी देखने को मिली है, जो उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
फीडबैक सत्र में कई बंदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आठ दिनों के नियमित अभ्यास से उनकी एकाग्रता बढ़ी, मानसिक शांति मिली तथा लंबे समय से चली आ रही तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत महसूस हुई।
कार्यशाला के सफल आयोजन में कारागार पदाधिकारी राघवेन्द्र सिंह एवं संदीप कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन अवसर पर दोनों अधिकारियों ने बंदियों को योग, ध्यान और प्राणायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में जेल प्रशासन ने प्रशिक्षिका वर्षा पांडेय को उनके नि:स्वार्थ योगदान एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी बंदियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






.png)





