बक्सर, बिहार हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय के नेतृत्व में उच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को बक्सर सिविल कोर्ट पहुंचा। इस दौरान न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, निरीक्षी न्यायाधीश न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा, न्यायमूर्ति अजय कुमार सिन्हा एवं न्यायमूर्ति अनुपमा चक्रवर्ती शामिल रहे। न्यायाधीशों के आगमन पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने उनका स्वागत किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नवनिर्मित 20 जजेज क्वार्टर और 60 स्टाफ क्वार्टर का उद्घाटन किया गया। इन आवासों के चालू होने से न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सुविधा होगी।
इसके साथ ही सिविल कोर्ट भवन के तृतीय तल पर निर्मित अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल का भी उद्घाटन किया गया। यह हॉल भविष्य में न्यायिक बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्रशासनिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। न्यायाधीशों ने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
दौरे के दौरान चीफ जस्टिस एवं अन्य न्यायाधीशों ने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा और महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय के साथ बैठक कर अधिवक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में लंबे समय से लंबित लायर्स हॉल निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
चीफ जस्टिस ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए लायर्स हॉल निर्माण का आश्वासन दिया तथा जिला जज से शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय ने बताया कि पहले भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण योजना लंबित थी, लेकिन अब न्यायालय परिसर के भीतर उपयुक्त भूमि चिह्नित कर ली गई है, जिससे निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है।
इस आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल है। उन्हें उम्मीद है कि वर्षों से लंबित लायर्स हॉल का सपना अब जल्द ही साकार होगा। न्यायिक आधारभूत संरचना के इस विस्तार को बक्सर जिला न्यायालय के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।






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