DB Nation News | बक्सर
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत बक्सर जिले के सभी प्रखंडों में स्थापित आदर्श विद्यालयों का रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने बेगूसराय स्थित कार्यक्रम स्थल से इन विद्यालयों का उद्घाटन किया।
इसी क्रम में नगर स्थित एमपी उच्च विद्यालय परिसर में स्थापित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का भी उत्सवी माहौल में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी साहिला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता दर्ज की और विद्यालय के पठन-पाठन कार्य का विधिवत शुभारंभ कराया।
डीएम साहिला की उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम
एमपी हाई स्कूल बक्सर के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि, जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह, भाजपा नेता एवं विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के प्रतिनिधि पुनीत सिंह तथा भाजपा नेता शिवजी खेमका सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सात निश्चय-3 के तहत शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
बिहार सरकार ने राज्य की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य नीति के तहत राज्य के सभी जिला स्कूलों तथा प्रत्येक प्रखंड में एक-एक सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) की स्थापना की गई है। बक्सर जिले में कुल 11 आदर्श विद्यालय स्थापित किए गए हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को नवाचार और आधुनिक संसाधनों से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
निजी विद्यालयों जैसी मिलेंगी सुविधाएं
आदर्श विद्यालयों में छात्रों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके तहत:
आधुनिक कक्षाएं
स्वच्छ शौचालय
स्मार्ट क्लास
विशेष कोचिंग व्यवस्था
पूरी तरह क्रियाशील आईसीटी लैब
अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला
समृद्ध पुस्तकालय
जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी शिक्षक नियोजन
विद्यालयों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए जहां भी शिक्षकों की कमी थी, वहां पारदर्शी तरीके से योग्य शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है। इन आदर्श विद्यालयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता और क्षमता विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य की जीविका दीदियों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए विशेष पोशाक तैयार कर वितरित करने की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार का मानना है कि यह दूरदर्शी योजना न केवल सरकारी स्कूलों की सूरत बदलेगी, बल्कि बिहार के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम बनाएगी।








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